राम-राम मेरे शेतकरी भाइयों! कैसे हो आप सब? उम्मीद है रबी का सीजन जोरों-शोरों से चल रहा होगा.
भाइयों, आज हम बात करने वाले हैं उस फसल की जो हमारे विदर्भ और मराठवाड़ा की जान है— ‘चना’ (Gram). अभी हाल ही में मैं हिंगोली और परभणी के कुछ इलाकों में गया था. वहां खेतों में हरभरा एकदम जोरों पर है, कहीं फूल लग रहे हैं तो कहीं घाटे (Pods) भर रहे हैं. लेकिन किसानों के मन में एक ही सवाल है— “सचिन भाई, इस बार मंडी में क्या भाव मिलेगा?”
आज के इस लेख में हम चने के भाव का पूरा पोस्टमार्टम करेंगे. क्या इस साल चना ₹7,000 का आंकड़ा पार करेगा? सरकार का हमीभाव (MSP) क्या है? और व्यापारियों की क्या चाल है? सब कुछ जानेंगे एकदम आसान भाषा में!
1. मेरा अनुभव: हिंगोली और परभणी की मंडियों का हाल (Personal Insight)
भाइयों, अगर मैं हिंगोली मंडी की बात करूं, तो वहां की हलचल हमेशा कुछ अलग ही संकेत देती है. पिछले हफ्ते जब मैं वहां से गुजर रहा था, तो व्यापारियों के बीच इस बार चने की ‘क्वालिटी’ को लेकर काफी चर्चा थी.
परभणी जिले के सेलु और जिंतूर साइड में इस बार कुछ इलाकों में पानी की कमी की वजह से चने का दाना थोड़ा छोटा रहने की संभावना है. लेकिन जहां सिंचाई अच्छी हुई है, वहां चना एकदम लबालब है. व्यापारियों का कहना है कि मार्केट में अभी पुराना स्टॉक कम है, इसलिए जैसे ही नया चना (New Arrivals) आएगा, भाव में अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है.
2. केंद्र सरकार का हमीभाव (MSP 2026)
सचिन भाई का फर्ज है आपको पक्के आंकड़े बताना. केंद्र सरकार ने रबी सीजन 2026 के लिए चने का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ा दिया है.
- MSP 2026: सरकार ने इस बार चने का भाव ₹5,440 से बढ़ाकर ₹5,650 प्रति क्विंटल (संभावित) के आसपास रखा है.
- Target: सरकार चाहती है कि किसानों को उनकी लागत का कम से कम ५०% मुनाफा मिले.
3. चने के भाव में तेजी के ३ मुख्य कारण (Why Prices are Rising?)
- पुराना स्टॉक खत्म: पिछले साल चने का बंपर उत्पादन नहीं हुआ था, जिसके कारण सरकारी गोदामों और व्यापारियों के पास पुराना माल ना के बराबर है.
- त्योहारी और शादियों का सीजन: फरवरी-मार्च में शादियां शुरू हो रही हैं, जिससे बेसन और चने की डिमांड मार्केट में बढ़ गई है.
- कम बुवाई का डर: कुछ राज्यों में बारिश की अनिश्चितता की वजह से चने का रकबा (Area) थोड़ा कम हुआ है, जिससे पैदावार घटने की खबर है.

4. आज का ताजा मंडी भाव (Today’s Market Rate – Estimated)
भाइयों, ये रेट्स अलग-अलग मंडियों से लिए गए औसत भाव हैं:
| मंडी का नाम (Mandi Name) | न्यूनतम भाव (Min) | अधिकतम भाव (Max) | औसत भाव (Avg) |
| हिंगोली (Hingoli) | ₹5,800 | ₹6,450 | ₹6,100 |
| परभणी (Parbhani) | ₹5,750 | ₹6,300 | ₹6,000 |
| लातूर (Latur) | ₹5,900 | ₹6,600 | ₹6,250 |
| अकोला (Akola) | ₹5,850 | ₹6,500 | ₹6,150 |
| जालना (Jalna) | ₹5,700 | ₹6,250 | ₹5,950 |
5. व्यापारियों की क्या है मांग? (Traders’ Perspective)
परभणी के कुछ बड़े व्यापारियों से बात करने पर पता चला कि वे ‘काबुली चने’ (White Chickpeas) और ‘विजया’ जैसी वैरायटी के लिए ज्यादा उत्सुक हैं. उनका कहना है कि अगर चने में नमी (Moisture) 10% से कम है, तो वे सीधे ₹200-300 प्रीमियम देने को तैयार हैं. इसलिए भाइयों, चना सुखाकर ही मंडी ले जाएं!

6. सचिन भाई के ‘महारथी’ टिप्स: चना कब बेचें?
- जल्दबाजी न करें: जैसे ही नया चना आता है, शुरू में आवक बढ़ने से भाव थोड़े गिरते हैं. अगर आपको पैसों की बहुत ज्यादा जरूरत नहीं है, तो थोड़ा रुककर माल निकालें.
- ग्रेडिंग करें: बारीक और मोटा चना अलग कर लें. इससे आपको मंडी में अच्छा ग्रेड मिलेगा.
- नमी का ध्यान रखें: गीला चना लेकर मंडी जाओगे, तो व्यापारी काट-छांट (Cuts) ज्यादा करेंगे.
7. चने की फसल में आखिरी फवारणी (Last Spray Advice)
अभी परभणी और हिंगोली के खेतों में इल्ली (Caterpillar) का प्रकोप दिख सकता है.
- टिप: घाटे लगते समय एक बार हल्की फवारणी जरूर करें ताकि दाना स्वस्थ और चमकदार बने. चमकदार चने को मंडी में ₹१०० ज्यादा ही मिलते हैं!

8. काबुली बनाम देसी चना: भाव में किसका पलड़ा भारी? (Kabuli vs Desi Chana)
भाइयों, अगर आप परभणी साइड के हो, तो आपने देखा होगा कि कई किसान अब ‘काबुली चने’ की ओर बढ़ रहे हैं.
- Difference: देसी चने का उपयोग मुख्य रूप से दाल और बेसन के लिए होता है, जबकि काबुली चना छोले और चाट के लिए ऊंचे दामों पर बिकता है.
- Price Gap: काबुली चने का भाव देसी चने से हमेशा ₹1,500 से ₹2,500 प्रति क्विंटल ज्यादा रहता है. अगर आपकी जमीन भारी है, तो अगली बार काबुली चने का विचार जरूर करें.
9. नाफेड (NAFED) की खरीदी और रजिस्ट्रेशन (Government Procurement)
हिंगोली मंडी में अक्सर जब रेट थोड़े कम होते हैं, तब NAFED के खरीदी केंद्र खुल जाते हैं.
- Process: सरकार हमीभाव (MSP) पर चना खरीदने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाती है.
- Tip: जैसे ही नया चना आए, तुरंत अपने पास के सोसायटी या मार्केटिंग फेडरेशन में रजिस्ट्रेशन करा लें. अगर ओपन मार्केट में रेट कम मिले, तो आप सरकार को ऊंचे दाम पर माल बेच सकें.
10. ‘इल्ली’ (Pod Borer) का आखिरी अटैक कैसे रोकें?
परभणी के खेतों में अभी चने पर ‘घाटे अळी’ (Helicoverpa) दिखने का समय है.
- Organic Trick: खेत में जगह-जगह ‘टी’ (T) आकार की लकड़ियां गाड़ दें, ताकि पक्षी उन पर बैठकर इल्लियों को खा सकें.
- Warning: अगर इल्ली कंट्रोल नहीं हुई, तो आपके चने की चमक कम हो जाएगी और मंडी में भाव गिर जाएगा.
11. भंडारण (Storage) करें या तुरंत बेचें?
सचिन भाई का एक सीक्रेट सुनो—परभणी और हिंगोली के जो किसान मार्च में माल नहीं निकालते और उसे मई-जून तक रोक लेते हैं, उन्हें अक्सर ₹500-700 का एक्स्ट्रा मुनाफा मिलता है.
- Reason: गर्मी में चने की आवक कम हो जाती है और दाल मिलों की डिमांड बढ़ जाती है. अगर आपके पास रखने की जगह है, तो माल रोककर बेचना फायदे का सौदा हो सकता है.

12. व्यापारियों की ‘नमी’ (Moisture) वाली चाल से बचें
मंडी में जाते ही व्यापारी सबसे पहले चने को दांत से दबाकर देखते हैं.
- Fact: अगर चने में 12% से ज्यादा नमी है, तो वो सीधे वजन में कटौती (Deduction) करते हैं.
- Hack: चने को खलिहान (Shivar) में अच्छे से सुखाएं. जब दाना दांत से दबाने पर ‘कट’ से आवाज करे, तभी उसे बोरे में भरें.
13. ‘विजया’ और ‘दिग्विजय’ किस्मों की डिमांड (Popular Varieties)
मराठवाड़ा के वातावरण के लिए ‘विजया’ और ‘दिग्विजय’ जैसी किस्में वरदान हैं.
- Market Value: इन किस्मों का दाना सुडौल और रंग पीला चमकदार होता है. हिंगोली के व्यापारी इन किस्मों को देखते ही बोली बढ़ा देते हैं.
14. चने के भूसे (Chana Bhusa) से अतिरिक्त कमाई
भाइयों, सिर्फ चना ही पैसा नहीं देता, उसका ‘कडबा’ या भूसा भी सोने के भाव बिकता है.
- Dairy Connection: परभणी में दुग्ध व्यवसाय बढ़ रहा है, इसलिए चने का भूसा पशुओं के चारे के रूप में ₹800-1000 प्रति क्विंटल तक बिक जाता है. इसे फेंकें नहीं, संभालकर रखें.
सोयाबीन और कपास के भाव में क्या आएगी बड़ी उछाल? अपने जिले के आज के ताज़ा मंडी भाव देखने के लिए यहाँ क्लिक करें।
15. मंडी में ‘बोली’ (Auction) के समय वहां रहें
कई बार हम माल आढ़तिया (Commission Agent) के पास छोड़कर घर आ जाते हैं.
- Rule: अपनी आंखों के सामने बोली लगवाएं. जब 3-4 व्यापारी आपस में कॉम्पिटिशन करते हैं, तभी सही भाव मिलता है. हिंगोली मंडी में दोपहर 12 बजे के आसपास बोली सबसे तेज होती है.

16. अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर (Import-Export News)
क्या आपको पता है? भारत कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से भी चना मंगाता है.
- 2026 Update: इस साल विदेशी चने पर टैक्स (Duty) बढ़ाया गया है, जिसका सीधा फायदा हमारे लोकल किसानों को मिलेगा. यानी इस बार विदेशी माल हमारे रेट नहीं गिरा पाएगा!
17. पीला सोना (Yellow Gold) संभालने के लिए डिजिटल सावधानी
आजकल मंडी के रेट व्हाट्सएप पर पहले ही आ जाते हैं.
- Advice: घर से निकलने से पहले 3-4मंडियों के रेट चेक करें. अगर हिंगोली में रेट कम है और वाशिम या परभणी में ₹50 ज्यादा है, तो वहीं माल ले जाएं. डीजल का खर्चा निकालकर भी आपको फायदा होगा.
भाइयों, इस वीडियो में आपको 2026 के चना मंडी भाव, नई गाइडलाइन और सही समय पर बिक्री के टिप्स लाइव दिखाए गए हैं
18. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ – चना मंडी भाव 2026)
Q1: 2026 में हरभरे को सबसे ज्यादा भाव कब मिलेगा?
Ans: सचिन भाई के अनुभव के अनुसार, नया हरभरा मार्च में सबसे ज्यादा मार्केट में आता है, इसलिए उस समय भाव थोड़े स्थिर रहते हैं।
अगर आप हरभरा मे या जून तक स्टोर करके रख सकें, तो आपको क्विंटल के हिसाब से 400–600 रुपये ज्यादा मिल सकते हैं।
Tip: स्टोर करते समय दाना सूखा और नमी कम रखें, ताकि कटौती न हो।
Q2: हिंगोली और परभणी मंडी में हरभरे का भाव अलग क्यों होता है?
Ans: हर मार्केट कमिटी की आवक (Supply) और व्यापारियों की मांग (Demand) अलग होती है।
- अगर हिंगोली में व्यापारी के पास बड़े ऑर्डर हैं → भाव परभणी से 50–100 रुपये अधिक हो सकता है।
- इसलिए हरभरा बेचने से पहले दोनों मंडियों के रेट चेक करना जरूरी है।
Q3: हरभरे में ओलापन (Moisture) कितना होना चाहिए ताकि भाव कम न हो?
Ans: व्यापारी के अनुसार, हरभरे में ओलापन 10% से कम होना चाहिए।
- अगर हरभरा गीला होगा → वजन घटाया जाएगा और भाव कम मिलेगा।
- स्टोर करने के लिए: माल निकालने के बाद 2–3 दिन कड़क धूप में सुखाएं, फिर पोते में भरें।
Q4: नाफेड (NAFED) केंद्र पर हरभरा बेचना फायदेमंद है या ओपन मार्केट में?
Ans:
- अगर खुले बाजार (Open Market) में भाव MSP से कम हैं → नाफेड को बेचना सुरक्षित और लाभकारी है।
- अगर बाजार में खाजगी व्यापारी ₹6,500 या उससे अधिक दे रहे हैं → तुरंत ओपन मार्केट में बेचें।
Tip: MSP की तुलना मार्केट भाव से करें और उसी हिसाब से डिसाइड करें।
Q5: हरभरे की कौन-सी किस्म (Variety) सबसे ज्यादा भाव दिलाती है?
Ans:
- काबुली चना (सफेद वाण) → सबसे ज्यादा भाव।
- देसी वाण में:
- दिग्विजय
- फुले विक्रम
इन वाणों के दाने टपोरा और चमकदार होते हैं → व्यापारी इन्हें ज्यादा पसंद करते हैं।
Tip: अगर आपकी जमीन भारी और उपज अच्छी है → काबुली चना लगाने पर सोचें। भाव हमेशा ज्यादा मिलता है।
19. निष्कर्ष (Conclusion)
मेरे किसान योद्धाओं, २०२६ का यह रबी सीजन चने के मामले में आपके लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है. हिंगोली और परभणी की मंडियों का रुझान सकारात्मक है. बस अपनी फसल को सही समय पर और सही तरीके से मंडी पहुँचाएं.
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अस्वीकरण (Disclaimer):
यह मंडी भाव सोशल मीडिया और विभिन्न बाजार समितियों से मिली जानकारी पर आधारित हैं. रेट हर घंटे बदल सकते हैं. कृपया बिक्री से पहले अपनी स्थानीय मंडी में जांच जरूर करें.
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