Drip Irrigation Subsidy 2026: ड्रिप सिंचाई पर पाएं 80% से 90% तक सब्सिडी, कम पानी में बंपर पैदावार की पूरी जानकारी

नमस्कार मेरे किसान भाइयों! खेती में आज के समय में सबसे बड़ी चुनौती क्या है? पानी की कमी. हम देखते हैं कि नहरों में पानी कम हो रहा है और भूजल स्तर (Groundwater level) नीचे गिरता जा रहा है. ऐसे में अगर हम पुरानी ‘फ्लड इरिगेशन’ (खुला पानी छोड़ना) पद्धति पर निर्भर रहेंगे, तो आने वाले समय में खेती करना मुश्किल हो जाएगा.

इसी समस्या का समाधान है Drip Irrigation यानी ड्रिप सिंचाई. बहुत से किसान भाई सोचते हैं कि इसका खर्चा बहुत ज्यादा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सरकार इसके लिए 80% से लेकर 90% तक सब्सिडी दे रही है? आज आपका भाई सचिन आपको बताएगा कि कैसे आप इस योजना का लाभ उठाकर अपनी खेती को ‘स्मार्ट खेती’ बना सकते हैं, यह सब्सिडी राज्य, जिला और किसान वर्ग के अनुसार बदल सकती है। अंतिम निर्णय संबंधित विभाग का होगा.

Drip Irrigation Subsidy 202

Table of Contents

1. ड्रिप सिंचाई ही क्यों चुनें? (Why Drip Irrigation is a Game Changer?)

ड्रिप सिंचाई सिर्फ पाइप बिछाना नहीं है, यह पौधों को ‘पानी पिलाने’ का सही तरीका है. इसके फायदे जानकर आप दंग रह जाएंगे:

  • Water Saving: पारंपरिक सिंचाई के मुकाबले 50% से 70% पानी की बचत होती है.
  • Fertigation की सुविधा: आप पानी के साथ-साथ खाद (Liquid Fertilizer) सीधे जड़ों तक पहुँचा सकते हैं. इससे खाद की बर्बादी नहीं होती.
  • Weed Control (खरपतवार नियंत्रण): पानी सिर्फ पौधों की जड़ों को मिलता है, इसलिए पूरे खेत में घास-फूस नहीं उगती.
  • Higher Yield: पौधों को जरूरत के अनुसार पानी मिलता है, जिससे फसल की ग्रोथ अच्छी होती है और उत्पादन 20-30% बढ़ जाता है..

2. ड्रिप इरिगेशन सब्सिडी योजना 2026: एक नज़र में

विशेषताएँ (Features)विस्तृत विवरण (Details)
योजना का नामप्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) / मुख्यमंत्री शाश्वत कृषि सिंचाई योजना
लाभार्थीसभी वर्गों (SC, ST, OBC, General) के किसान
सब्सिडी का प्रतिशत80% से 100% तक (ज़िले और वर्ग के अनुसार)
पानी की बचत50% से 70% तक पानी की बचत
उत्पादन में वृद्धि20% से 30% अधिक बंपर पैदावार
आवश्यक दस्तावेज़7/12 भू-अलेख , 8-अ, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, कोटेशन
आवेदन कहाँ करें?महाडीबीटी किसान पोर्टल (mahadbt.maharashtra.gov.in)
रखरखाव (Maintenance)हर 3-4 महीने में एसिड ट्रीटमेंट और फिल्टर की सफाई
मुख्य फसलेंगन्ना, फल (अनार, अंगूर, संतरा), सब्जियां, कपास
जीवनकाल (Life Span)उचित रखरखाव के साथ 8 से 10 वर्ष

3. सरकारी सब्सिडी का पूरा गणित (Drip Irrigation Subsidy 2026)

भारत सरकार और राज्य सरकारें (विशेषकर महाराष्ट्र में) किसानों को ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’ (PMKSY) और ‘मुख्यमंत्री शाश्वत कृषि सिंचन योजना’ के तहत भारी सब्सिडी दे रही हैं.

सब्सिडी की श्रेणियां (Subsidy Categories):

  1. लघु और सीमांत किसान (Small & Marginal Farmers): 55% केंद्र से और 25% राज्य सरकार से, यानी कुल 80% तक की सब्सिडी.
  2. अन्य किसान (Other Farmers): इनके लिए कुल 75% तक की सब्सिडी का प्रावधान है.
  3. विशेष जिले: कुछ सूखाग्रस्त जिलों में अनुसूचित जाति/जनजाति के भाइयों के लिए यह सब्सिडी 90% से 100% तक भी जाती है.

4. आवश्यक दस्तावेज (Documents Required for Application)

मेरे पास कई किसान भाई आते हैं और पूछते हैं, सचिन भाई, कागजात क्या-क्या लगेंगे ?” तो नोट कर लीजिए:

  • 7/12 और 8A भू-अलेख (Current copy).
  • आधार कार्ड (बैंक खाते से लिंक होना अनिवार्य है).
  • बैंक पासबुक की फोटोकॉपी.
  • खेत का नक्शा (Map).
  • कोटेशन (Quotation): रजिस्टर्ड कंपनी या डीलर से लिया गया पाइप और सिस्टम का बिल.
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि आप विशेष सब्सिडी का लाभ लेना चाहते हैं).

5. आवेदन कैसे करें? (How to Apply Online via MahaDBT)

अगर आप महाराष्ट्र से हैं, तो आपको MahaDBT Farmer Portal पर जाना होगा.

  1. सबसे पहले mahadbt.maharashtra.gov.in पर रजिस्टर करें.
  2. ‘सिंचाई सुविधाएं’ (Irrigation Facilities) विकल्प चुनें.
  3. ड्रिप सिंचाई या ‘फव्वारा सिंचाई (तुषार सिंचन)’ के लिए आवेदन भरें.
  4. जरूरी दस्तावेज अपलोड करें.
  5. लॉटरी में नाम आने के बाद आपको ‘Pre-Sanction Letter’ मिलता है, जिसके बाद आप सिस्टम खरीद सकते हैं.
इनलाइन बनाम ऑनलाइन ड्रिप: आपके लिए क्या सही है? (Inline vs Online Drip)

6. ड्रिप सिंचाई सिस्टम के मुख्य भाग (Components of the System)

एक अच्छा ड्रिप सिस्टम इन चीजों से मिलकर बनता है:

  • PVC Main Line: मुख्य पाइप जो कुएं या बोरवेल से पानी लाता है.
  • Filters (Sand & Screen Filter): यह बहुत जरूरी है ताकि कचरा पाइप में न जाए.
  • Laterals: पतले पाइप जो पौधों के पास बिछाए जाते हैं.
  • Drippers/Emitters: जहाँ से बूंद-बूंद पानी निकलता है.
  • Venturi: खाद छोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाला यंत्र.
Drip Irrigation Subsidy 2026:

7. ध्यान देने योग्य बातें (Maintenance Tips by Sachin)

ड्रिप लगाने के बाद किसान अक्सर उसे भूल जाते हैं, जिससे पाइप चोक हो जाते हैं.

  • Acid Treatment: हर 3-4 महीने में हाइड्रोक्लोरिक एसिड से पाइप साफ करें ताकि सॉल्ट जमा न हो.
  • Rat Protection: चूहे पाइप कुतर देते हैं, इसके लिए खेत में चूहों के नियंत्रण के उपाय करें.
  • Filter Cleaning: हर हफ्ते फिल्टर साफ करना न भूलें.

8. इनलाइन बनाम ऑनलाइन ड्रिप: आपके लिए क्या सही है? (Inline vs Online Drip)

अक्सर किसान भाई इसमें गलती कर देते हैं.

  • Inline Drip (इनलाइन): इसमें ड्रिपर्स पाइप के अंदर पहले से ही फिट होते हैं. यह सब्जियां (जैसे टमाटर, मिर्च) और गन्ना (Sugarcane) जैसी फसलों के लिए बेस्ट है.
  • Online Drip (ऑनलाइन): इसमें पाइप सादा होता है और आप अपनी जरूरत के अनुसार पौधों के पास ड्रिपर छेद करके लगा सकते हैं. यह फलों के बाग (जैसे अनार, आम, संतरा) के लिए सबसे उपयुक्त है.

सचिन भाई की सलाह: फसल के अनुसार ही सिस्टम चुनें, वरना बाद में पानी का वितरण (Distribution) सही नहीं होगा.

9. सब्सिडी मिलने में आने वाली दिक्कतें और समाधान (Common Problems & Solutions)

बहुत से किसान कहते हैं कि “सचिन भाई, फॉर्म तो भरा पर पैसे नहीं आए.” इसके पीछे कुछ मुख्य कारण हो सकते हैं:

  1. Documents Mismatch: आपके आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग एक जैसी होनी चाहिए.
  2. Installation Photo: सिस्टम लगाने के बाद आपको खेत में खड़े होकर मोबाइल ऐप के जरिए फोटो अपलोड करनी होती है. अगर फोटो साफ नहीं है, तो फाइल रुक सकती है.
  3. Third Party Inspection: कभी-कभी कृषि अधिकारी खेत पर आकर जांच करते हैं. सुनिश्चित करें कि आपने कोटेशन के अनुसार ही सामान लगाया है.

10. स्मार्ट इरिगेशन: ऑटोमेशन और सेंसर (Smart Farming with Automation)

2026 का समय है, तो अब तकनीक भी बदल रही है.

  • Automatic Valves: अब ऐसे सिस्टम आ गए हैं जिन्हें आप मोबाइल से चालू या बंद कर सकते हैं.
  • Soil Moisture Sensors: ये सेंसर आपको बताते हैं कि मिट्टी में कितनी नमी है. जब मिट्टी सूखती है, ड्रिप अपने आप शुरू हो जाती है. इससे बिजली और पानी दोनों की बचत होती है.
स्मार्ट इरिगेशन: ऑटोमेशन और सेंसर (Smart Farming with Automation)

11. ड्रिप सिंचाई के साथ मल्चिंग पेपर का जादू (Drip with Mulching Paper)

अगर आप ड्रिप के साथ Mulching Paper का इस्तेमाल करते हैं, तो लाभ दोगुना हो जाता है.

  • मल्चिंग पेपर पानी को भाप बनकर उड़ने से रोकता है.
  • जड़ों के पास अंधेरा होने के कारण खरपतवार (Weeds) बिलकुल नहीं उगते.
  • सब्जियों की चमक और साइज बहुत अच्छा मिलता है.

12. फर्टिगेशन तकनीक: पानी के साथ खाद देकर बचाएं मेहनत और पैसा (Fertigation: Smart Way to Feed Plants)

मेरे किसान भाइयों, क्या आप अभी भी खेत में हाथ से खाद (Manual Fertilizing) छिड़कते हैं? अगर हाँ, तो आप अपनी मेहनत और पैसा दोनों बर्बाद कर रहे हैं. ड्रिप इरिगेशन का असली जादू सिर्फ पानी देने में नहीं, बल्कि ‘Fertigation’ में है.

Fertigation का मतलब है ‘Fertilizer + Irrigation’. यानी पानी के साथ-साथ पौधों को उनकी खुराक (खाद) देना. आइए समझते हैं इसके जबरदस्त फायदे:

  • Direct to the Roots (सीधे जड़ों तक): जब हम खेत में खाद फेंकते हैं, तो आधी खाद हवा और धूप से खराब हो जाती है या खरपतवार (Weeds) खा जाते हैं. लेकिन ड्रिप के जरिए Water Soluble Fertilizers सीधे पौधों की जड़ों (Root zone) तक पहुँचते हैं. इससे खाद की एक बूंद भी बर्बाद नहीं होती.
  • Big Saving on Labor Cost (मजदूरी की बचत): हाथ से खाद डालने के लिए आपको मजूदर लगाने पड़ते हैं, जिनका खर्चा आज के समय में बहुत ज्यादा है. Fertigation में आप ‘Venturi’ या ‘Fertilizer Tank’ का इस्तेमाल करके अकेले ही पूरे खेत को खाद खिला सकते हैं. बस वाल्व खोलिए और आपका काम हो गया!
  • Uniform and Healthy Growth (समान विकास): हाथ से खाद डालते समय कहीं ज्यादा तो कहीं कम गिरती है, जिससे फसल छोटी-बड़ी रह जाती है. ड्रिप से हर पौधे को ‘समान मात्रा’ (Equal quantity) में खाद मिलती है. इससे आपकी पूरी फसल एक जैसी, हरी-भरी और तंदुरुस्त दिखती है.
  • Efficient Nutrient Uptake: चूंकि खाद पानी में घुली होती है, इसलिए पौधे उसे बहुत जल्दी सोख (Absorb) लेते हैं. इसका असर आपको 2-3 दिनों में ही फसल पर दिखने लगेगा.

सचिन भाई की प्रो टिप: किसान भाइयों, मैंने खुद अपने खेत में देखा है कि जब हम हाथ से यूरिया फेंकते हैं, तो आधा तो धूप में उड़ जाता है। लेकिन वेंटुरी (Venturi) से खाद देने पर फसल 3 दिन में ही काली-भरी (तंदुरुस्त) दिखने लगती है।.

13. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ -)

प्र 1: क्या पुराने बोरवेल पर सब्सिडी मिलेगी? उत्तर: हाँ, आपके पास पानी का स्रोत होना चाहिए, चाहे वो कुआं हो, बोरवेल हो या खेत तलाब.

प्र 2: क्या हम किसी भी कंपनी का ड्रिप लगा सकते हैं? उत्तर: नहीं, आपको सरकार द्वारा ‘रजिस्टर्ड’ कंपनियों (जैसे जैन इरिगेशन, नेटाफिम आदि) से ही खरीदारी करनी होगी ताकि सब्सिडी मिलने में दिक्कत न हो.

प्र 3: पैसे सीधे खाते में आते हैं क्या? उत्तर: जी हाँ! काम पूरा होने और वेरिफिकेशन के बाद सब्सिडी की राशि सीधे आपके Aadhaar Linked Bank Account में जमा होती है (DBT के माध्यम से).

महाडीबीटी पोर्टल पर आवेदन कैसे करें? नीचे दिए गए वीडियो में स्टेप-बाय-स्टेप देखें कि मोबाइल से फॉर्म कैसे भरना है


14. निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों, खेती में पानी बचाना अब सिर्फ पर्यावरण का काम नहीं, बल्कि आपकी जेब बचाने का जरिया है. ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) अपनाकर आप न सिर्फ मेहनत बचाएंगे बल्कि अपनी आय को दोगुना करेंगे. सरकार की 80% सब्सिडी का फायदा उठाएं और अपने खेत को आधुनिक बनाएं.

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यह भी पढ़ें: PM कुसुम योजना: अब खेत में सोलर पंप लगवाएं 90% सब्सिडी पर, यहाँ देखें आवेदन का पूरा तरीका।


अस्वीकरण (Disclaimer):

यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है. Mahayoddha.in कोई सरकारी संस्था नहीं है. सब्सिडी के नियम समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन करने से पहले अपने नजदीकी कृषि विभाग या MahaDBT पोर्टल पर जाकर ताजा जानकारी जरूर लें.


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