नमस्कार मेरे युवा किसान योद्धाओं! क्या हाल-चाल हैं? भाई, आज का जमाना ‘स्मार्ट फार्मिंग’ का है. खेती के साथ-साथ अगर कोई ऐसा बिजनेस है जो आपको कम मेहनत में लखपति बना सकता है, तो वो है ‘शेळीपालन’ (Goat Farming).
लेकिन भाई, सबसे बड़ी दिक्कत कहाँ आती है? जब हम शेड (बाड़ा) बनाने जाते हैं, तो ईंट, सीमेंट और लोहे के भाव सुनकर पसीने छूट जाते हैं. कई भाई तो शेड का खर्चा देखकर बिजनेस शुरू ही नहीं करते. पर रुकिए! आपका भाई सचिन आज आपके लिए एक खुशखबरी लेकर आया है. ‘शरद पवार ग्रामसमृद्धि योजना 2026’ के तहत सरकार आपको शेड बनाने के लिए १००% अनुदान दे रही है. यानी आपका शेड बनेगा और पैसा सरकार देगी. चलिए, पूरी डिटेल में गप्पे मारते हैं!
1. शरद पवार ग्रामसमृद्धि योजना क्या है? (Understanding the Scheme)
देखो भाई, यह योजना महाराष्ट्र सरकार की एक बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है जिसे मनरेगा (MGNREGA) के साथ जोड़ा गया है.
- Aim: ग्रामीण इलाकों में रहने वाले युवाओं और किसानों को खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर (शेड) बनाकर देना.
- Funding: इसमें पैसे सीधे आपके बैंक खाते में आते हैं.
- Scope: इसमें सिर्फ बकरी पालन ही नहीं, बल्कि गाय-भैंस का गोठा और कुक्कुट पालन (Poultry) के लिए भी मदद मिलती है.
2. सब्सिडी का पूरा गणित (Subsidy Calculation)
भाइयों, सरकार आपको 10 बकरियों के एक यूनिट के लिए शेड बनाने का पैसा देती है.
- Amount: औसतन ₹1,40,000 से ₹1,65,000 तक का बजट सरकार ने तय किया है.
- इसमें मजदूरी का पैसा (Labour Cost) और सामान का पैसा (Material Cost) दोनों शामिल होते हैं.
- अगर आपके पास ज्यादा बकरियां हैं (जैसे 20 या 30), तो आप उसी हिसाब से ज्यादा अनुदान के लिए भी पात्र हो सकते हैं.
3. पात्रता: किसे मिलेगा लाभ? (Eligibility Criteria)
सचिन भाई, यहाँ ध्यान देना, क्योंकि अगर पात्रता में फिट नहीं बैठे तो फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा:
- आवेदक के पास खुद के नाम पर जमीन होनी चाहिए.
- आपके पास ‘मनरेगा जॉब कार्ड’ (MGNREGA Job Card) होना अनिवार्य है. (अगर नहीं है, तो ग्राम पंचायत में 1 दिन में बन जाता है).
- कम से कम 10 बकरियां आपके पास होनी चाहिए या खरीदने का नियोजन होना चाहिए.
- परिवार के केवल एक ही सदस्य को इसका लाभ मिलेगा.
4. शेड अनुदान 2026 : एक नजर में (Table)
| विवरण (Details) | जानकारी (Details) |
| योजना का नाम | शरद पवार ग्रामसमृद्धि योजना (मनरेगा)MGNREGA |
| कुल अनुदान | 100% (लगभग ₹1.40 लाख से ₹1.65 लाख तक) |
| पात्रता | ग्रामीण किसान (मनरेगा जॉब कार्ड धारक) |
| बकरियों की संख्या | न्यूनतम 10 बकरियां |
| आवेदन कहाँ करें | ग्राम पंचायत कार्यालय (ग्रामसेवक के पास) |

5. आवश्यक दस्तावेज (Documents Required)
आवेदन करने से पहले ये कागजात फाइल में लगा लें:
- 7/12 और 8-A उतारा: जमीन की मालकी का सबूत.
- Job Card: मनरेगा वाला कार्ड.
- Aadhaar Card & Bank Passbook: पैसे आने के लिए.
- Caste Certificate: अगर आप SC/ST कैटेगरी से हैं तो.
- Passport Size Photo: 2 फोटो.
- Self-Declaration: एक शपथ पत्र कि आपने पहले ऐसी किसी योजना का लाभ नहीं लिया है.
6. आवेदन कैसे करें? (Online/Offline Application Process 2026)
भाई, इस योजना का प्रोसेस थोड़ा मिक्स है (Online + Offline). ध्यान से सुनो:
- सबसे पहले अपने गांव के ‘ग्रामसेवक’ या ‘कृषि सहायक’ से मिलें.
- उनसे ‘शरद पवार ग्रामसमृद्धि योजना’ का आवेदन फॉर्म मांगें.
- फॉर्म को अच्छे से भरें और सारे डॉक्यूमेंट्स जोड़ें.
- ग्रामसभा का ठराव: सबसे जरूरी बात! आपके आवेदन को ग्रामसभा में मंजूर होना चाहिए. इसके लिए अपने सरपंच से बात करें.
- ग्राम पंचायत इसे मंजूर करके ‘पंचायत समिति’ को भेजेगी.
- वहां से ‘ऑनलाइन एंट्री’ (MahaDBT/MGNREGA Portal) होने के बाद आपको ‘मंजूरी पत्र’ (Pre-Sanction Letter) मिलेगा.
सचिन भाई की सलाह: किसान भाइयों, मैंने हिंगोली के कई गांवों में देखा है कि किसान फॉर्म तो भर देते हैं लेकिन ग्रामसभा के ‘प्रस्ताव’ (ठराव) पर ध्यान नहीं देते। याद रखिए, जब तक ग्रामसभा आपके नाम की मंजूरी नहीं देती, तब तक आपका फाइल आगे नहीं बढ़ेगा। इसलिए अपने सरपंच और ग्रामसेवक के संपर्क में जरूर रहें.
7. शेड का निर्माण कैसे होना चाहिए? (Ideal Shed Design)
सरकारी पैसा मिल रहा है इसका मतलब ये नहीं कि जैसा-तैसा बना दो. सरकार के कुछ नियम हैं:
- Area: 10 बकरियों के लिए लगभग 7.50 स्कवेअर मीटर जगह होनी चाहिए.
- Height: शेड की ऊंचाई कम से कम 8-9 फिट होनी चाहिए ताकि हवा खेलती रहे (Ventilation).
- Floor: फर्श थोड़ा ढलान वाला होना चाहिए ताकि पेशाब और कचरा आसानी से साफ हो सके.

8. सचिन भाई के ‘महारथी’ टिप्स: कमाई कैसे बढ़ाएं?
शेड तो बन गया, अब बिजनेस कैसे चमकाएं?
- Modern Design: शेड को थोड़ा ऊँचा बनाएं (Elevated Floor). इससे बकरियों को बीमारियाँ कम होती हैं.
- Fodder Bank: शेड के पास ही थोड़ा हरा चारा (Azolla या Napier Grass) लगाएं.
- Vaccination: साल में 2 बार पीपीआर (PPR) और ईटी (ET) का टीका जरूर लगवाएं.
9. जियो-टैगिंग (Geo-Tagging) का महत्व
भाई, अब जमाना बदल गया है. पैसा मिलने से पहले और काम पूरा होने के बाद सरकारी अधिकारी आपके शेड का फोटो मोबाइल ऐप से खींचेंगे. इसे ‘जियो-टैगिंग’ कहते हैं. अगर फोटो ऑनलाइन अपलोड नहीं हुआ, तो पैसा अटक सकता है. इसलिए काम एकदम नंबर वन करना!
10. अतिरिक्त 10 पॉइंट्स: सफलता का सीक्रेट (Additional Points for Success)
- शेड की दिशा (Direction): शेड हमेशा उत्तर-दक्षिण (North-South) दिशा में बनाएं, इससे धूप सीधे अंदर नहीं आती और तापमान बना रहता है.
- बीमा (Insurance): बकरियों का बीमा जरूर करवाएं. अगर किसी कारणवश नुकसान हुआ, तो बीमा कंपनी आपको बचा लेगी.
- मछली पालन और शेड: अगर आपका शेड तालाब के ऊपर है, तो आप ‘मत्स्यपालन’ भी साथ में कर सकते हैं.
- वेस्ट मैनेजमेंट: बकरियों की लेंडी (Manure) बेचकर भी आप महीने के 3-4 हजार कमा सकते हैं. इसकी नर्सरी वालों के पास बहुत डिमांड है.
- पीने का पानी: शेड में ऑटोमैटिक ‘वाटर निप्पल’ लगाएं. इससे पानी कम बर्बाद होता है और बकरियों को साफ पानी मिलता है.
- किड्स सेक्शन (Kids Section): छोटे मेमनों के लिए शेड में अलग से गरम जगह बनाएं, क्योंकि ठंड में वो जल्दी बीमार पड़ते हैं.
- ब्रीडिंग रिकॉर्ड: किस बकरी ने कब बच्चा दिया, उसका एक रजिस्टर रखें.
- मार्केटिंग: अपने बकरों के फोटो व्हाट्सएप और फेसबुक पर डालें. सीधे ग्राहक को बेचेंगे तो कसाई से ज्यादा रेट मिलेगा.
- प्रशिक्षण (Training): आवेदन करने से पहले 5 दिन का शेळीपालन ट्रेनिंग जरूर लें. इससे आपको सब्सिडी मिलने में आसानी होती है.
- सोलर लाइट: शेड में रात के समय लाइट के लिए एक छोटा सोलर पैनल लगाएं, इससे बिजली का बिल बचेगा.
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11. शेड का वेंटिलेशन और अमोनिया गैस का खतरा (Ventilation is Key)
भाई, बकरियां ठंड से नहीं मरतीं, वो मरती हैं ‘अमोनिया गैस’ से! जब बकरियां पेशाब करती हैं, तो उससे अमोनिया गैस निकलती है. अगर शेड चारों तरफ से बंद होगा, तो बकरियों को निमोनिया हो जाएगा.
- Solution: शेड के ऊपरी हिस्से में कम से कम 2 फिट की जगह खुली रखें ताकि ताजी हवा आती रहे.
- Note: हवा का बहाव ऐसा हो कि वो बकरियों के चेहरे से ऊपर रहे.

12. ‘क्वारंटाइन’ सेक्शन का जुगाड़ (Quarantine Section)
सचिन भाई का एक जरूरी मंत्र याद रखो—जब भी आप बाहर से नई बकरी खरीदकर लाएं, उसे सीधे पुराने झुंड में न मिलाएं.
- Why?: हो सकता है नई बकरी कोई बीमारी साथ लाई हो.
- Tip: शेड के एक कोने में एक छोटा सा ‘क्वारंटाइन’ रूम बनाएं जहां नई बकरी को 10-15 दिन अलग रखा जा सके.
13. फीडिंग ट्रफ (Feeding Trough) का सही चुनाव
बकरियों को जमीन पर चारा कभी मत डालो, इससे बीमारियाँ फैलती हैं.
- PVC Pipe Hack: आप पीवीसी पाइप को बीच से काटकर दीवार पर लगा सकते हैं.
- Height: चारा डालने की जगह बकरियों के कंधे की ऊंचाई पर होनी चाहिए, ताकि वो उसमें पैर न डाल सकें और चारा खराब न हो.
14. बाउंड्री वॉल और ‘रनवे’ एरिया (Boundary & Exercise Area)
सिर्फ बंद शेड में रखने से बकरियों की ग्रोथ धीमी हो जाती है.
- Exercise: शेड के बाहर जाली (Chain-link Fencing) लगाकर एक खाली जगह छोड़ें.
- Sunshine: सुबह की धूप बकरियों की हड्डियों के लिए ‘विटामिन-डी’ का काम करती है. इससे उनका वजन जल्दी बढ़ता है.
15. रिकॉर्ड कीपिंग: एक सफल बिजनेसमैन की पहचान (Record Keeping)
अगर आप रिकॉर्ड नहीं रखते, तो आप सिर्फ बकरी चरा रहे हैं, बिजनेस नहीं कर रहे.
- Tagging: हर बकरी के कान में एक टैग लगाएं.
- Logbook: किस बकरी ने कब बच्चा दिया, कितना दूध दिया और उसे कौन सा इंजेक्शन लगा, इसका पूरा हिसाब एक डायरी में रखें. इससे आपको पता चलेगा कि कौन सी बकरी फायदे की है और कौन सी नुकसान की.
16. शेड की सफाई और ‘चूने’ का इस्तेमाल (Sanitization)
हफ्ते में एक बार शेड की सफाई के बाद फर्श पर सूखा चूना (Lime Powder) छिड़कें.
- Benefit: चूना नमी सोख लेता है और कीटाणुओं को मार देता है.
- Hygiene: बारिश के दिनों में यह बहुत जरूरी है, वरना खुरपका (FMD) जैसी बीमारियाँ आ सकती हैं.

17. शेळीपालन में ‘नस्ल सुधार’ (Breed Improvement)
सरकार सिर्फ शेड का पैसा नहीं दे रही, वो चाहती है कि आप अच्छी नस्ल पालें.
- Focus: हमेशा ‘प्योर ब्रीड’ (Pure Breed) का बकरा रखें.
- Cross-Breeding: अगर आपके पास स्थानीय बकरियां हैं, तो उन्हें उस्मानाबादी, सिरोही या सोजत के बकरे से क्रॉस करवाएं. इससे मेमनों का वजन दुगनी रफ्तार से बढ़ेगा.
18. बिजली और पंखों का इंतजाम (Fans & Electricity)
गर्मियों में जब तापमान 40 डिग्री के पार जाता है, तो बकरियां ‘हीट स्ट्रेस’ में आ जाती हैं.
- Low Cost: छत पर कूलर लगाने की जरूरत नहीं, बस 2-3 बड़े पंखे लगा दें.
- Spray: बहुत ज्यादा गर्मी होने पर बकरियों पर हल्का पानी छिड़कें (Foggers का इस्तेमाल भी कर सकते हैं).

19. पशु सखी और सरकारी डॉक्टर्स का संपर्क (LIO & Doctor Contact)
अपने इलाके के सरकारी पशु चिकित्सक (LDO) और ‘पशु सखी’ का नंबर हमेशा अपने पास रखें.
- Emergency: आधी रात को अगर कोई बकरी बीमार पड़े, तो गूगल काम नहीं आएगा, डॉक्टर ही आएगा.
- Subsidy: कई बार दवाइयों और वैक्सीन पर भी अलग से सब्सिडी मिलती है, जिसकी जानकारी ये लोग ही आपको देंगे.
20. शेड के आसपास ‘चारा’ बैंक (Green Fodder Bank)
शेड तो बन गया, लेकिन पेट भरने का क्या?
- Plan: शेड के चारों तरफ ‘दशरथ घास’ या ‘मेथी घास’ लगाएं.
- Trees: शेड के आसपास नीम, सुबबूल या शेवरी के पेड़ लगाएं. इनकी पत्तियां बकरियों के लिए टॉनिक का काम करती हैं.
किसान भाइयों, सिर्फ लेख पढ़ने से काम नहीं चलता। शेड का असली नक्शा कैसा होना चाहिए और फॉर्म भरते समय ग्राम पंचायत में क्या बातें करनी चाहिए, यह सब अपनी आँखों से देखना जरूरी है। नीचे दिए गए वीडियो में 2026 की नई गाइडलाइन्स के अनुसार पूरी प्रक्रिया लाइव दिखाई गई है
इस वीडियो को पूरा देखें ताकि जियो-टैगिंग और पेमेंट के समय आपका पैसा न फंसे
21. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1: क्या शहर में रहने वाले लोग आवेदन कर सकते हैं? Ans: नहीं भाई, यह योजना मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए है जहां मनरेगा लागू है.
Q2: पैसे कितने दिन में मिलते हैं? Ans: काम पूरा होने और वेरिफिकेशन के बाद 15 से 30 दिनों के अंदर पैसा आपके खाते में आ जाता है.
Q3: क्या बिना बकरियों के शेड का पैसा मिलेगा? Ans: नहीं, आपके पास बकरियां होना या उनका कोटेशन दिखाना जरूरी है.
22. निष्कर्ष (Conclusion)
मेरे किसान योद्धाओं, शेळीपालन एक ऐसा बिजनेस है जो कभी घाटे में नहीं जाता, अगर आप उसे सही तरीके से करें. सरकार आपको मदद देने के लिए तैयार है, बस आपको एक कदम उठाना है. शरद पवार ग्रामसमृद्धि योजना 2026 आपके लिए एक सुनहरा मौका है.
खेती-बाड़ी और पशुपालन की ऐसी ही ‘विषय हार्ड’ जानकारी के लिए Mahayoddha.in को रोज विजिट करें. अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करें!
अस्वीकरण (Disclaimer):
यह जानकारी केवल शैक्षणिक और जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है. Mahayoddha.in कोई आधिकारिक सरकारी पोर्टल नहीं है. सरकारी योजनाओं के नियम, सब्सिडी की राशि और आवेदन प्रक्रिया समय-समय पर बदलती रहती है. किसी भी योजना में निवेश या आवेदन करने से पहले अपने नजदीकी ग्राम पंचायत कार्यालय या आधिकारिक सरकारी वेबसाइट (mahadbt.maharashtra.gov.in) पर जाकर पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें. किसी भी वित्तीय नुकसान के लिए यह वेबसाइट जिम्मेदार नहीं होगी.


